रवि पायक/भीलवाड़ा: गर्मी के इस मौसम में सबसे ज्यादा खाया जाने वाला फल तरबूज की इन दिनों डिमांड बढ़ गई है. वहीं, इसके साथ ही रमजान का महीना होने के चलते तरबूज की अच्छी खासी बिक्री हो रही है. भीलवाड़ा की बात की जाए तो यहां मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के तरबूज को ज्यादा पसंद किया जा रहा है.

हालांकि, अभी तरबूज की सीजन की शुरुआत है जिसके कारण यह तरबूज के भाव भी करीब 25 से 30 रुपए प्रति किलोग्राम तक है. वहीं जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी वैसे ही तरबूज की आवक भी ज्यादा होगी. गर्मी के मौसम में तरबूज खाना हर कोई पसंद करता है. यह गर्मियों का एक मौसमी फल है. इसमें लगभग 90 प्रतिशत से ज्यादा पानी होता है. व्यापारियों का मानना है कि जो तरबूज जितना गोल और गहरे रंग का होगा वह तरबूज उतना ही अंदर से स्वाद में मीठा और लाल निकलता है.

तरबूज के व्यापारी घीसू लाल कहते हैं कि भीलवाड़ा में अभी मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात से काला तरबूज आ रहा है जो रंग में काला और स्वाद में मीठा होता है. रमजान के महीने में काला तरबूज को सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है, क्योंकि यह तरबूज शरीर में पानी की कमी को दूर करता है और सेहत के लिए फायदेमंद होता है. इसके बाद जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी वैसे ही धारीदार तरबूज भी मार्केट में आएगा. फिलहाल अगर भीलवाड़ा में तरबूज की कीमत की बात की जाए तो 25 से 30 रुपए प्रति किलो के भाव से तरबूज बिक रहा है.

ऐसे करें तरबूज की पहचान
व्यापारी घीसू लाल कहते हैं कि यह काला तरबूज एक बार काटने के बाद करीब 4 से 5 दिन तक खराब नहीं होता है और बिना कांटे यह तरबूज 10 दिन तक खराब नहीं होता है. काला तरबूज सीजन में केवल 3 महीने मिलता है. काले तरबूज की ज्यादा डिमांड है. तरबूज जितना गोल और रंग में गहरा होता है वह उतना ही मीठा निकलता है. 25 साल से तरबूज बेच रहे घीसू लाल कहते हैं कि वैसे तो आमतौर पर ग्राहक खुद अपनी पसंद का तरबूज उठाकर हमें देते हैं और हम उन्हें काटकर दिखा देते हैं कि तरबूज अंदर से कितना लाल और मीठा है. लेकिन इसकी अगर पहचान करनी हो तो इसका एक सिंपल सा तरीका है जिसमें तरबूज जितना गोल और गहरे रंग का होता है उसकी मिठास और अंदर से वह लाल भी उतना ही होता है और इसी अंदाज से ग्राहक भी हमें लाल और मीठा तरबूज देते हैं.

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