शाश्वत सिंह/झांसी : भारतीय महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की समस्या बहुत तेजी से बढ़ती जा रही है. भारत की बात करें तो स्तन कैंसर के मामले पिछले कुछ दशकों में तेजी से बढ़े हैं. भारतीय महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है, और यहां प्रति वर्ष लगभग 1.5 से 2 लाख नए मामले सामने आते हैं. अधिकतर महिलाओं को यह पता भी नहीं होता है कि वह ब्रेस्ट कैंसर के खतरे से जूझ रही हैं. जागरूकता की कमी होने की वजह से महिलाएं इस बीमारी की शिकार बनती जा रही हैं. ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण से भी महिलाएं अनजान रहती हैं. ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े तथ्यों पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के डॉ. कपिल देव ने कई रोचक तथ्य बताए.

डॉ. कपिल देव ने बताया कि महिलाओं को हर छह महीने में अपना ब्लड टेस्ट करवाना चाहिए. इससे आपको शरीर में होने वाले बदलाव का पता चलता रहेगा. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि प्रेग्नेंसी के पहले और बाद में भी जांच अवश्य करवा लेना चाहिए. इस समय रिस्क ज्यादा होता है. डॉ. कपिल के अनुसार अगर महिलाओं की बांह के नीचे गांठ बन रही है तो यह एक लक्षण है. इसके साथ ही अगर स्तन में गांठ बनने लगे लेकिन दर्द ना हो तो भी ब्रेस्ट कैंसर की जांच करवा लेनी चाहिए.

ये हैं स्तन कैंसर के लक्षण
डॉ. कपिल देव ने बताया कि अगर महिलाओं को स्तन में सूजन, निप्पल में कोई बदलाव, स्तन में बहुत ज्यादा दर्द, त्वचा का लाल होना और स्तन से खून निकलना भी ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण हो सकते हैं. जब ब्रेस्ट सेल म्यूटेट होते हैं और अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगते हैं तो यह इकट्ठा होकर ट्यूमर बन जाते हैं. अन्य कैंसर की तरह ही ब्रेस्ट कैंसर भी आसपास के टिश्यू और शरीर के अन्य अंगों में फैल सकता है.

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