निखिल स्वामी/बीकानेर. आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ी-बूटियां और पेड़-पौधे हैं, जो स्वास्थ्य के लिहाज से काफी फायदेमंद मानी जाती हैं. इन्हीं में से एक है कीकर का पेड़ ये पेड़ स्वास्थ्य के लिहाज से खास उपयोगी माना जाता है. बता दें कि कीकर राजस्थान का एक जंगली पेड़ है जो रेतीले धोरों में भी आसानी से उग जाता है. यह राजस्थान का देशी पेड़ भी कहलाता है. यही नहीं कीकर की लकड़ी जलाने के लिए भी बहुत अच्छी होती है. यह राजस्थान में जलाऊ लकड़ी का एक प्रमुख स्रोत है.

ग्रामीण रामकुमार बिस्सा ने बताया कि कीकर की फली का पाउडर बनाकर दवाई बनाने के काम आता है. अगर पेट दर्द होता है इसका पाउडर लेने से पेट दर्द ठीक होता है. कीकर की पत्तियां, फली और छाल का प्रयोग पशुओं के चारे के तौर पर किया जाता है. प्रोटीन, फाइबर और अन्य पोषक तत्व होने के कारण ये पशुओं के लिए बेहद लाभकारी है. इसके सेवन से पशुओं का दुग्ध उत्पादन बढ़ता है. लकड़ियों का प्रयोग फर्नीचर बनाने और ईंधन के रूप में किया जाता है. इसकी लकड़ी पर दीमक का असर नहीं देखने को मिलता है. दीमक प्रतिरोधी होने के कारण ये लकड़ी बाजार में अच्छे भाव पर बिकती है.

इसमें होते है कई सारे औषधीय गुण
नोबल आयुर्वेद क्लिनिक के डॉ. अमित कुमार गहलोत ने बताया कि कीकर के पेड़ के कई सारे औषधीय गुण हैं. इसका प्रयोग कई तरह की बीमारियों से बचाव में किया जाता है. यह एंटीऑक्सिडेंट्स, एंटी-इंफ्लेमेटरी यौगिकों और एंटीमाइक्रोबियल होता है. इसकी छाल और पत्तियां कई बीमारियों से बचाव में काम आती हैं. डायबिटीज, लूज मोशन, बुखार आना, इम्यून सिस्टम बढ़ाने में कीकर का पेड़ काम आता है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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