अंजलि सिंह राजपूत/लखनऊ: मशहूर अभिनेत्री पूनम पांडे ने सर्वाइकल कैंसर की वजह से दम तोड़ दिया है. सिर्फ 32 साल की उम्र में सर्वाइकल कैंसर की वजह से पूनम पांडे की मौत हो गई है. पूनम पांडे की मौत के बाद सर्वाइकल कैंसर के खतरे पर लगातार चर्चा जारी है. एक्सपर्ट कहते हैं कि सर्वाइकल कैंसर एक विशेष तरह के एचपीवी और सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्‍शन के कारण होता है. एचपीवी दरअसल ह्यूमन पैपिलोमा वायरस का एक ग्रुप है जिसमें 14 से ज्यादा वायरस तरह तरह के कैंसर पैदा कर सकते हैं. सर्वाइकल कैंसर के लक्षण हालांकि आमतौर पर ज्यादा स्पष्ट नहीं होते और यही वजह है कि इसे जल्द पहचानना मुश्किल होता है. आईसीएमआर के आंकड़ों के अनुसार भारत में सर्वाइकल कैंसर के मामले बहुत तेजी से बढ़े हैं और यहां लगभग हर 8 मिनट में सर्वाइकल कैंसर से एक महिला की मौत हो जाती है.

उत्तर प्रदेश में भी यह आंकड़ा चौंकाने वाला है. यहां पर 10 में से 4 महिलाएं हर साल सर्वाइकल कैंसर के चलते मृत्यु का शिकार हो रही हैं. सबसे बड़ी वजह यह है कि सर्वाइकल कैंसर को लेकर जागरूकता न होना. अधिकतर महिलाएं आखिरी स्टेज पर ही डॉक्टर के पास पहुंचती हैं. यह कहना है अपोलो अस्पताल लखनऊ के मेडिकल ऑंकोलॉजी डॉ. अनिमेष अग्रवाल का.

शुरुआती स्टेज में नहीं दिखाई देता लक्षण
डॉ. अनिमेष अग्रवाल ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर के ज्यादातर मामले 35 से 40 साल के बाद ही देखने के लिए मिलते हैं. कम उम्र में सर्वाइकल कैंसर होना काफी मुश्किल कहा जा सकता है. उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर होने का मुख्य वजह गर्भाशय ग्रीवा (cervix) महिला के गर्भाशय का सबसे निचला अंग होता है जो गर्भाशय को योनि से जोड़ता है. जब सर्विक्स में कोशिकाएं असामान्य और तेज़ीं से बढ़ती हैं तब सर्वाइकल कैंसर विकसित होता है. सर्वाइकल कैंसर खतरनाक होता है क्योंकि कई बार इसके कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं और अगर इसका पता नहीं चला तो यह जानलेवा हो सकता है. सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) है. इसके अलावा, अन्य कारणों में एक से अधिक यौन साथी, यौन संचारित रोग (STDs), गर्भनिरोधक गोलियों का लंबे समय तक उपयोग, धूम्रपान, HIV संक्रमण भी इसी में शामिल है.

एचपीवी वायरस है सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण
सर्वाइकल कैंसर के मामले मुख्य रूप से एचपीवी वायरस के संक्रमण के कारण होते हैं. यह एक यौन संचारित वायरस है. विशेषज्ञों का कहना है कि कई यौन साथी होने से इस प्रकार के कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है. इसके अलावा कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली भी इस कैंसर के जोखिम को बढ़ा देती है.

सर्वाइकल कैंसर के लक्षण
⦁ पीरियड्स के दौरान परेशानी.
⦁ संभोग के बाद खून बहना.
⦁ रजोनिवृत्ति के बाद भी होने वाली ब्लीडिंग.
⦁ तेज गंध के साथ योनि से स्राव होना.
⦁ पेडू में दर्द बना रहना.

ऐसे करें सर्वाइकल कैंसर से बचाव
डॉ. अनिमेष अग्रवाल ने बताया कि अब तो सर्वाइकल कैंसर का टीकाकरण भी हो रहा है. सरकार ने भी 9 साल से लेकर 14 साल की लड़कियों के लिए सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन मुफ्त कर दी है. अब जागरूकता फैल रही है. वैक्सीन सभी लड़कियों को लगवाना चाहिए. इसके अलावा जो महिलाएं ज्यादा उम्र की हैं जैसे 35 से 40 के बाद की है उन्हें स्क्रीनिंग जरूर करनी चाहिए. स्क्रीनिंग दर्द रहित होती है और किसी भी अस्पताल में इसे कराया जा सकता है. स्क्रीनिंग में यह पता चल जाएगा की सर्वाइकल कैंसर है या नहीं है. 3 से 4 स्क्रीनिंग में अगर रिपोर्ट निगेटिव आई तो यानी सर्वाइकल कैंसर होने की आशंका ना के बराबर हो जाती है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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