What causes winter allergies: सर्दी के मौसम में अगर आपको बिना जुकाम के लगातार छीकें आती हैं, सिरदर्द होता है, त्‍वचा, आंख, कान और नाक में खुजली होती है, कान में दर्द या स्किन पर दाने निकल आते हैं तो आप एलर्जी के शिकार हो सकते हैं. अक्‍सर बसंत या गर्मियों के मौसम में होने वाली एलर्जी सर्दी के मौसम में भी आपको परेशान कर सकती है. हेल्‍थ एक्‍सपर्ट का कहना है कि ठंडे महीनों में पर्यावरण और लाइफस्‍टाइल में बदलाव के चलते एलर्जी या कुछ फंगल इन्‍फेक्‍शंस होने की शिकायत बढ़ जाती है. वहीं दिलचस्‍प बात है कि इस बीमारी के पैदा होने के बड़े कारण आपके घर में ही छुपे हो सकते हैं, जिनका आपको अंदाजा भी नहीं होता.

ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ अस्‍पताल में इंटरनल मेडिसिन कंसल्‍टेंट डॉ. श्रुति शर्मा कहती हैं कि सर्दी में ऐसे कई मरीज अस्‍पतालों में आते हैं, जो किसी खास बीमारी के बजाय एलर्जी की वजह से बीमार होते हैं. सर्दियों में एलर्जी के लक्षण आमतौर पर सर्दी जुकाम के रूप में दिखाई देते हैं, ऐसे में दोनों के बीच अंतर करना मुश्किल हो जाता है कि यह वायरल, फ्लू या किसी वायरस का असर है या एलर्जी की वजह से है. हालांकि फिर भी कुछ लक्षण हैं जो कॉमन होते हैं.

सर्दी में एलर्जी के ये हैं लक्षण
. छीकें आना- बार बार और बहुत ज़्यादा छीकें आना
. नाक बंद होना या बहना-कन्जेशन और नाक बहना
. आंखों से पानी आना और खुजली होना- आंखों के आस-पास जलन, डार्क सर्कल्स दिखाई देना.
. कान में दर्द- उपरी वायु मार्गों में कन्जेशन की वजह से ऐसा होता है
. गले में खराश- इसके साथ नाक से पानी टपकना और गले में जलन.
. खांसी- सूखी खांसी, कभी-कभी इसके साथ घरघराहट भी महसूस होती है.
. थकान और सिर में दर्द- थकान और असहजता महसूस होना.

घर में ये होते हैं एलर्जी के बड़े कारण
डॉ. श्रुति कहती हैं कि सर्दियों में आमतौर पर घरों से लोग बाहर कम निकलते हैं लेकिन घरों में ही इतने एलर्जन मौजूद होते हैं कि वे उनकी चपेट में आसानी से आ जाते हैं.

धूल के कण- आमतौर पर ये गर्म और उमस भरे वातावरण में होते हैं लेकिन सर्दी में खिड़कियां बंद करके रखने और घर के भीतर अधिक तापमान के कारण ये बढ़ जाते हैं और लोगों की सेहत को प्रभावित करते हैं.

मोल्ड- ये गीले नमी भरे इलाकों में विकसित होते हैं जैसे बेसमेन्ट, बाथरूम. ये ह्युमिडीफायर या एयर कंडीशनर में भी हो सकते हैं. अगर लोग बाथरूम में नहाने के बाद उसे गीला छोड़ देते हैं और वह दिनभर गीला ही पड़ा रहता है, या फिर पानी गर्म करने के दौरान भाव निकलती है और बाथरूम में जमा हो जाती है तो भी नमी रहती है. ऐसा होने से एलर्जी के कारक पैदा होने के चांसेज बढ़ जाते हैं. इसलिए हमेशा नहाने के बाद बाथरूम को वाइप करें, पंखा चलाएं या वेंटिलेशन रखें.

पालतु जानवरों के रोएं में- पालतु पशुओं की त्वचा साल भर झड़ती है, सर्दियों में घर के भीतर इसकी संभावना बढ़ जाती है और यह एलर्जी का एक बड़ा कारण होते हैं. इसलिए इस मौसम में पालतू जानवरों की साफ सफाई का खास ध्‍यान रखें.

कॉकरोचः कुछ घरेलू कीड़े एलर्जी का कारण बन सकते हैं, इनमें कॉकरोच प्रमुख है. अक्‍सर ये रसोई या बाथरूम में पाए जाते हैं. अगर यहां नमी रहती है तो कॉकरोच तेजी से बढ़ते हैं. इसलिए नमी न छोड़ें.

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75 thoughts on “आपका बाथरूम भी कर सकता है बीमार, सर्दी में कहीं आप भी तो नहीं करते ये गलती?”

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