[ad_1]

रिपोर्ट- विशाल झा
गाज़ियाबाद. अपनी शारीरिक और मानसिक सेहत में सुधार लाने के लिए कसरत काफी जरूरी होती है. साधारण जीवन में तो व्यक्ति पार्क में या जिम जाकर अपनी शारीरिक या मानसिक स्थिति को सुधार सकता है. लेकिन बात अगर जेल की करें तो जेल में अक्सर यूं समझा जाता है बंदियों की शारीरिक और मानसिक स्थिति काफी तनावपूर्ण रहती है. कैदियों की इसी परेशानी को समझते हुए गाजियाबाद के डासना जिला कारागार में बंदियों के मानसिक और शारीरिक स्तर में सुधार लाने के लिए हाईटेक जिम बनाया गया है.

एक नजर में तो ये जिम बिल्कुल किसी प्राइवेट जिम की तरह नजर आता है. खास बात यह है यहां पर ट्रेनर भी बंदी हैं और जिम करने वाले भी बंदी हैं. युवा बंदियों से लेकर बुजुर्ग भी इस जिम में आते हैं और खुद को फिट रखते हैं. जेल में कई प्रकार की एक्टिविटीज होती हैं. इसमें शारीरिक रूप से फिट होना जरूरी होता है.

मेंटल और फिजिकल एक्टिविटी
डासना जेल अधीक्षक आलोक सिंह बताते हैं यहां पर लगभग 4 हजार से अधिक कैदी हैं. यह बहुत जरूरी होता है जो लोग यहां रहते हैं वो फिजिकली और मेंटली फिट रहें. जेल में फिजिकल हेल्थ के लिए योगा, पीटी और जिम आदि की सुविधा उपलब्ध है ताकि बंदी अपनी हेल्थ के प्रति कॉन्शियस रहें और स्वस्थ रहें. इसके अलावा मेंटल हेल्थ के लिए भी काउंसलिंग होती है. आर्ट एंड क्राफ्ट, म्यूजिक,डांस वगैरह भी यहां कराया जाता है.

बॉली बिल्डर कैदी
जेल अधीक्षक आलोक सिंह बताते हैं बंदियों के स्वास्थ्य का खास ध्यान रखा जा रहा है. इससे बंदियों का रुझान नयी और अच्छी चीजों की तरफ होता है. अपराध के लिए सोचने की प्रवृत्ति खत्म होती है. वो समाज में अपना सकारात्मक योगदान देने के लिए तैयार होते हैं. कई बंदी ऐसे हैं जो पहले काफी मोटे थे लेकिन आज उनकी बॉडी बिल्कुल फिट है. वो दूसरों के लिए नजीर बन रहे हैं.

Tags: Ghaziabad News Today, Health benefit, Local18

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *